Thomas Alva Edison's Biography in Hindi




Thomas Alva Edison
Thomas Alva Edison

हमारी सबसे बड़ी कमजोरी है हार मान लेना | सफल होने का एक निश्चित तरीका है एक और बार प्रयास करना, ऐसा कहना हैं बिजली के बल्ब के अबिस्कारक Thomas Alva Edison का | Edison का जन्म 11 फरवरी,1847 मे अमेरिका में हुआ था | Thomas Alva Edison को बचपन में पागल समझा जाता था,बचपन में वो अजीबोगरीब हरकतों के लिए जाने जाते थे | कहा जाता है की एकबार एक चिड़िये को कीडामकोडा खाते देख उन्होंने सोचा कि उड़ने के लिए सायेद कीड़े खाना जरुरी है | उसके बाद उन्होंने कुछ कीड़ो को इकट्ठा कर लिया, और उसका घोल बनाकर उसे अपने दोस्त को पिला दी | वो देखना चाहते थे की उनका दोस्त इसके बाद उड़ सकता है की नही | बाद में दोस्त बीमार पड़ गया,जिससे उन्हें बहत डाट सुननी पड़ी थी | school के दिनों में Edison का दिमाग बहत ही भ्रमित रहता था | वो अपने में ही कही खोये हुए रहतें थे, और teachers की बातों में ध्यान नही देते थे | जिसकी बजह से उन्हें school से निकाल दिया गया | और फिर उनकी मा ने उन्हें घर पर ही पड़ाना शुरू किया | 10 साल की उम्र में वो अपने मा के सहमती से घर में एक छोटी सी प्रोयोगशाला स्तापित की, लेकिन कुछ महीने बाद उनकी मा ने उनका सारा समान बहार फैक दिया | अपनी नयी प्रयोगशाला शुरु करने के लिए Edison को पैसे की जरुरत थी , इसलिए उन्होंने काम करना शुरु कर दिया |उन्होंने रेल में यात्रियों को टिकट,समाचार पत्र,मिठाई,सब्जिया बेचना शुरु किया | 15 साल की उम्र में उन्होंने उसी रेल के डिब्बे में छपाई शुरु की | उस दैनिक का लेखन,छपाई,और बिक्री Edison खुद ही करते थे | उन्हें लोग पागल समझते थे, पर लोगो की परवाह किये बिना 32 की उम्र में, कठोर महनत और कई प्रयोगों के बाद हज़ार असफलता को ठुकराते हुए, आखिरकार उन्होंने बल्ब का अबिस्कर किया,और इस दुनिया को रोसनी से चकाचौंध कर दिया | 21 ऑक्टोबर पहला बल्ब पुरे दिन तक जलता रहा | दूसरा बल्ब 40 घंटो तक जला | Edison ने कही तरह की किताबों की पड़ाई की | अपने प्रोयोग से सम्दंधित हर जानकारी वो लिखकर रखते थे | अपने आयु के 30 साल से लेकर Edison ने पुरे 30000 notepad भर दिये थे | बल्ब के अबिस्कर के अलावा Edison ने चलचित्र,टेलिग्राम,माइक्रोफोन,बैटरी जैसी 1040 अबिस्कर किये | अपने जबरदस्त कामयाबी के बाबजूद Edison आम लोगो से जुड़े हुए थे | उन्होंने कभी भी अपने सफलता का घमंड नहीं किया | Edison कहते थे : "प्रतिभा 1% होती है और 99% पसीना |" 18ऑक्टोबर,1931 महान संशोधक Thomas Alva Edison का अंत हुआ | इस महान संशोधक की मृत्यु सूचित करने के लिए,उनके सम्मान में सारे अमरीका के बत्तियां 2 मिनट के लिए बुझा दी गयी थी | उनका कहना था  "अपनी जिंदिगी में मैंने एक भी दिन काम नहीं किया,यह सब तो मनोरंजन था |"

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