Founder of Paytm Vijay Shekhar Sharma's Biography in Hindi


Vijay Shekhar Sharma
Cashless!!! ये शब्द कही सुनी हुई लग रहीं है | जी हा दोस्तों, S4 PRODUCTION की इस episode में आज आपके लिए लेकर आया हु एक ऐसी शख्स की BIOGRAPHY जो हमे Cashless की सुबिधा देकर,हमे इस Digital दुनिया में एक और step उपर उठा दिया है | तो बिना समय गबाये चलिए जान लेते है Paytm के Founder Vijay Shekhar Sharma की जिबनी,अपने passion के ज़रिये कैसे किया इसकी शुरुआत |
                  Vijay Shekhar Sharma का जन्म Uttar Pradesh की Aligarh में हुआ था | School में वो बहत ही होनहार और intelligent हुआ करते थे | वो अपना सुरुआती पड़ाई Hindi Medium school में पूरा किया | इसके बाद 15 साल की उम्र में Engineering की पड़ाई के लिए Delhi आगये, और Delhi College of Engineering में admission लेलिया |क्युकी Vijay school के दिनों में class की पहली बेंच पर बैठते थे, इसलिए engineering college में भी पहले बेंच पर बैठने लगे | लेकिन एकदिन एक teacher ने उन्हें english में एक सवाल पुछा, पर Vijay समझ ही नही पाये | क्युकी इससे पहले की पड़ाई Hindi Medium school से की थी | ओए english से दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं था | उस दिन Vijay को काफी शर्मिन्दिगी महसूस हुई और classmates ने भी बहत मजाक उड़ाये | इसके बाद से वो लास्ट bench पर बैठने लगे | कहते है कभी कभी आपकी कमजोरी ही आपको फ़ायदा पोउचा सकती है | इसके बाद से वो classes छोड़ना शुरू कर दिया, और Library में जाकर बैठने लगे | Vijay ने Library में बहत सारी success stories पड़ी | जिससे वो काफी प्रभाबित हुए | Stories ने Vijay की english को तो अच्छी करही दी, साथ ही साथ उनकी सोच की भी बदल दिया | और कारन है की Vijay ने खुदका boss बन्ने की सोच ली |इसके बाद Computer Lab में जा जा कर उन्होंने coding भी शिख लिया | इसी अनुभव से 1997 में अपने classmate Harindar के साथ मिलकर indiasite.net का design किया | इसके बाद भी वो दोनों छोटे-मोटे plots में कम करने लगे | ठीक 2 साल बाद एक अमिरीकी company ने 1million dollar में indiasite.net को खरीद लिया | 2001 में Vijay ने अपने 2 दोस्तों के साथ मिलकर South-Delhi में एक छोटे से घर को किराये पे लेकर प्रति दोस्त 5 lakh रुपये लगाकर one97 नाम की एक company बनाया | जो मोबाइल users को मोबाइल content जैसे news, sms, jokes जैसेः सेबाये प्रदान करता था | लेकिन 9-11 (9th november) की मुंबई हमला की दौरान one97 business काफी slow होगया | जिससे investers काफी निरास होगये | दो साल तक ऐसा ही रहा, 2003-04 के संघर्ष के दिनों में Vijay कई दुसरे jobs करके अपनी company को जिंदा रखने की कोसिस कर रहे थे |
      इसके कुछ सालों  बाद one97 company grow होना शुरू हो गया | जैसे जैसे उनकी one97 company बड़ी होती जा रही थी, वैसे ही उसके server के और team के खरचे भी बड़ते चले जा रहे थे | Vijay ने फिर अपनी company बड़ाने के लिए बैंक से loan उठाना शुरू कर दिये और कुछ समय बाद higher interest rates पर भी loan उठाने पड़े | उस समय जितना भी पैसा one97 earn करती थी वो interest pay करने में,rent pay करने में और employees की salary pay करने में निकल जाता था | Vijay खुद के लिए इतने पैसे भी नही बचा पा रहे थे,की अपना घर का rent pay कर सके | इस वजह से वो जान-बुझके अधिरातको अपने घर गुसते थे, और सूरज उगने से पहले निकल भी लिया करते थे | ताकि उनको अपनी landlord को face न करना पड़े | उनके landlord moderately rich person थे | और वो उन्हें बिठाकर समझाया भी करते थे कि,at least अपने rent के लिए तो पैसा बचा लिया करो बेटा | हर महीने के साथ Vijay की financial situation बिगड़ती चली जा रही थी और फिर एक समय ऐसा आया जब उनके पास खाना खाने के लिए पैसे नहीं बचे थे | इसीलिए वो कभी-कभार अपने दोस्तों के घर चले जाया करते थे,ताकि उन्हें at least कुछ खाने पिने को मिल सके | Delhi के hospital के पास अधिरातको एक पराठे वाला बैठता था,जो सबसे कम दमपर खाना देता था | कही महीनो तक Vijay उसके पास खाना खाके अपना पेट भरा | Vijay ने फिर part-time कई छोटी-मोटी companies में consultancy or training देना शुरू कर दिया | उनको ज्यादा से ज्यादा एक दिन training देने के 1000 रुपये मिल जाया करते थे | जहा उनकी team one97 की operation सम्हाल रही थी, वही वो दुसरी तरफ कुछ companies की website बना रहे थे | ताकि at least अपना खर्चा उठा सके | एक दिन किसी company को consultancy देते समय Vijay की मुलाकात Piyush Agarwal से हुई,जिसका अपनी company के लिए software में Vijay की help चाहिये थी | अब इहा luckily Vijay के काम ने Piyush के company को अच्छे-खासे profit करवा दिये | Piyush फिर Vijay की company पर CEO की job ऑफर करी और फिर Vijay ने ये ऑफर यह कहकर ठुकरा दिया की,boss मेरी खुदकी company है जिसे मुझे किसी भी हाल में चलाना है | इन सब चक्करों में Vijay की घर से उनकी शादी के लिए बहत pressure आने लगा | वो literally Vijay को फाॅर्स कर रहे थे की,वो अपनी company बंद करे और एक decent सी job उठाले | अपने घर वालो को निराश देखके Vijay के आंख में आशु आगये | और फिर उन्होंने एक बीच का रास्ता निकाला | उन्होंने Piyush को approach करा और कहा कि,में आधा दिन तुम्हारी company सम्हालूँगा और आधा दिन मुझे अपनी company सम्हालने के लिए चाहिये | और इसके लिए मै 30,000/month salary लूँगा | Piyush को इससे सस्ते में इतना अच्छा CEO और कही नहीं मिल सकता था | तो वो खुशी-खुशी मान गया, और in fact उसने अपने ऑफिस में ही arrangements करके Vijay का office भी वहा set करवा दिया, ताकि Vijay दोनों companies को equally time दे सके | फिर एकदिन Piyush ने Vijay के साथ बैठके उनकी company और उनके काम को समझा की वो कैसे call और text के ज़रिये लोगों तक अपना content पौचाते थे | तब तक Vijay की company भी तोड़ी सी स्टेबल हो चुकी थी |
इसके बाद Vijay ने Piyush से 8 lakh रुपये उधार मांगे,अपना बैंक loan चुकाने के लिये | मगर Piyush ने उन्हें loan ना देके वो 8 lakh Vijay के company में इन्वेस्ट कर दिये और one97 की 40% ownership खरीदली |
      Cashflow में सुधार होने के बाद company progress की पटरी पर उतरने लगी | Vijay ने गौर किया की Smart Phone की उपयोग बड़ी तेजी से बड़ रहा है, तो क्यू न इससे जुड़ा कुछ ऐसा किया जाये;जिससे लोगो की समस्यायो का निधन हो | 
इसी सोच के साथ Vijay ने one97 communication limited के ही अंतर्गत Paytm.com नाम की website खोली और online mobile recharge शुरू की | बजार में कही अन्य website भी थी,जो की mobile recharge की सुबिधा देती थी | पर Paytm का system उनकी तुलना में बहत ही सरल था | Paytm का business बड़ा तो Vijay ने Paytm.com में mobile rechargeके साथ साथ online wallet, money transfer, ओए shopping जैसी कही और features भी जोड़ दिये | Vijay Shekhar Sharma जी को अपने प्रयासों का फल मिला और आज Paytm INDIA का सबसे बड़ा Mobile Payment और Ecommerce platform बन चूका है |
   भीड़ हमेशा उस रस्ते पर ही चलते जो रास्ता आसान लगता है,लेकिन इसका मतलब ये नही है की भीड़ हमेशा सही रास्तो पर चलती है | अपना रास्ता खुद चुनिए क्युकी आपको आपसे बहतर कोई नही जनता |

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